Chandrayaan 2: महीनों बाद पीएम मोदी ने खोला राज, कहा- ये बात किसी को पता नहीं थी
उन्होंने कहा कि – अपनी अपेक्षा को अपने साथ इतना न जोड़ दें, कि उसके पूरा न होने से हमारा मूड ऑफ हो जाए। मोटिवेशन और डिमोटिवेशन… ये ऐसी चीजें हैं जिससे हर किसी को गुजरना पड़ता है। बार-बार गुजरना पड़ता है। जैसे- चंद्रयान।
पीएम मोदी ने कहा, ‘आपसब रात को जाग रहे थे। कुछ लोगों ने मुझे कहा था कि आपको वहां नहीं जाना चाहिए, क्या होगा अगर ये मिशन फेल हो गया। मैंने कहा- इसीलिए मुझे जाना चाहिए। मिशन में गड़बड़ी के बाद मैंने वैज्ञानिकों को समझाया और अपने होटल चला गया। लेकिन सोने का मन नहीं हो रहा था। तब मैंने पीएमओ की पूरी टीम को बुलाया। उनसे कहा कि सुबह हमें जल्दी जाना है, लेकिन हम देर से जाएंगे। सुबह एक बार फिर वैज्ञानिकों से मिलेंगे। हम उनसे मिले, मैंने अपने भाव व्यक्त किए। उनके परिश्रम की सराहना की। इतनी बात से वहां के साथ-साथ पूरे देश का माहौल बदल गया। कहने का मतलब ये है कि हम विफलताओं में भी सफलता की शिक्षा पा सकते हैं। हर प्रयास में उत्साह भर सकते हैं। किसी चीज में आप विफल हुए, इसका मतलब ये है कि अब आप सफलता की ओर चल पड़े हैं।’